अभी गूगल, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया मंचों पर उपलब्ध

अभी गूगल, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया मंचों पर उपलब्ध करायी जा रही अश्लील सामग्री का विवाद पूरी तरह सुलझ भी नहीं पाया था कि अचानक ही टिकटाक नाम का एक नया प्लेटफार्म सक्रिय हो गया। टिकटाक पर उपलब्ध अश्लील सामग्री को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुये इस पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश केन्द्र सरकार को दिया था।
चीन की कंपनी बाइटडांस के स्वामित्व वाला टिकटाक एप उपभोक्ताओं को इस समय सोशल मीडिया पर टिकटाक की ढेरों क्लिपिंग उपलब्ध हैं।
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सरकार ने यौनाचार से संबंधित वीडियो क्लिप और अन्य सामग्री उपलब्ध करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफार्म के प्रति सख्ती करना शुरू किया है लेकिन उसे इसमें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।
न्यायालय भी फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और व्हाट्सएप सरीखे सोशल मीडिया मंचों के रवैये से संतुष्ट नहीं है क्योंकि ये अपने प्लेटफार्म से आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री के संप्रेषण पर नियंत्रण के लिये प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं। इनके रवैये को देखते हुये ही न्यायालय एक बार इन पर जुर्माना भी लगा चुका है।
उम्मीद है कि राज्यसभा के सभापति द्वारा गठित यह अनौपचारिक समिति सभी संबंधित पक्षकारों से विचार-विमर्श करके इस स्थिति पर काबू पाने के उपाये खोजने में कामयाब होगी और इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार अश्लील सामग्री उपलब्ध कराने वाले सोशल मीडिया के इन प्लेटफार्म के खिलाफ अधिक सख्त कार्रवाई करने की स्थिति में होगी।


Popular posts