कटरी क्षेत्र में अभी भी महिलाएं और बेटियां नहीं है सुरक्षित


कलान ;शाहजहांपुरद्ध
दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद महिलाओं के प्रति सरकार ने संविधान में कई संशोधन किए। कई नए कानून भी बनाए। लेकिन इसके बावजूद भी महिलाएं एवं बेटियां कटरी क्षेत्र में सुरक्षित नहीं है। उधर सरकार और कोर्ट की सख्ती भी महिला उत्पीड़न के मामले में लगातार बढ़ती जा रही है।लेकिन कलान पुलिस का रवैया जस का तस बना हुआ है।यहां लगातार छेड़छाड़ दुराचार महिला उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं।कलान पुलिस पीड़ितों को कई के दिन थाने के चक्कर लगवाने या उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद बमुश्किल रिपोर्ट लिखती है।थाने में पीड़ित महिलाओं और बेटियों की इज्जत की बोली लगती है। आरोपियों से  सांठगांठ हो जाए तो पीड़िता की रिपोर्ट नहीं लिखी जाती और यदि सांठगांठ न हो पाए तो रिपोर्ट बमुश्किल लिखी जाती है। महिलाओं और बेटियों की इज्जत का सौदा थाने में रुपयों से होता है। थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।चोरी लूट एवं हत्याओं के खुलासे पुलिस नहीं कर पा रही है। अपनी वाहवाही लूटने के लिए निर्देशों को ही कई संज्ञेय अपराधों में जेल भेज कर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर लेती है। जनपद शाहजहांपुर के कलानएमिर्जापुरएपरौर को काला पानी के नाम से जाना जाता है।यहां कभी डाकुओं का राज हुआ करता था। कटरी क्षेत्र अपराध और अपराधियों का गढ़ माना जाता है। वैसे तो यहां अपराध होना आम बात है।लेकिन बीते कई महीनों से कानून व्यवस्था ध्वस्त है और छेड़छाड़ दुराचार तथा अन्य अपराधों के ग्राफ में  काफी तेजी आई है।इसे प्रभारी निरीक्षक की लापरवाही कहा जाए या आर्थिक साठगांठ घ् परौर थाना क्षेत्र के एक गांव में कुछ दबंगों ने महिला के घर में घुसकर उसके साथ दुराचार किया।पीड़िता जब अपनी फरियाद लेकर थानेदार के पास गई।तो पुलिस व दबंगों ने पंचायत लगाकर उसकी इज्जत की बोली लगानी शुरू कर दी। महिला कई दिनों तक थाने के चक्कर काटती रही।लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। मजबूरन थक हारकर पीड़िता ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्महत्या कर ली थी।तब कहीं पुलिस प्रशासन जागा और तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक को इस मामले में  अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी।इस घटना के कुछ दिनों बाद ही परौर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी को उसके बाप ने ही अपनी हवस का शिकार बनाया था।इसके बाद कलान थाना क्षेत्र के एक गांव में एक शराबी ने सारी हदें पार कर दी और एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाकर उसके साथ जबरन मुंह काला किया।कुछ दिनों बाद ही इसी थाना क्षेत्र में रेप की दो अन्य  घटनाएं हुईं। उधर मिर्जापुर थाना क्षेत्र में भी चार महीने में दुराचार की दो व छेड़छाड़ की चार घटनाएं हुईं। बीते एक दिसंबर को कलान थाना क्षेत्र के गांव में खेत पर गई किशोरी को कुछ दबंगों ने पकड़ लिया था और दुराचार का प्रयास किया था। उसी रात थाने के समीप रात में घर में घुसकर एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की गई। लेकिन कलान पुलिस ने कई दिनों तक रिपोर्ट नहीं लिखी। तीसरे दिन आरोपी असलहे लेकर छात्रा के घर में घुसे और उसे अगवा करके ले गए। पुलिस ने आज तक अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उसके बाद इसी थाना क्षेत्र के एक गांव में झोपड़ी में सो रही महिला को दबंगों ने उसके घर में घुसकर पकड़ लिया और उसे नग्न कर दुराचार का प्रयास किया था। कुल मिलाकर  दुराचार का प्रयास हो या महिला उत्पीड़न या मारपीट फिलहाल कलान पुलिस मुकदमा दर्ज करने में हीला हवाली करती है।जिस कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कलान पुलिस की लापरवाही के कारण अपराधों के ग्राफ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और क्राइम कंट्रोल नहीं हो रहा है। बताया जाता है कि कई मामलों में प्रार्थना पत्र बदलवाकर पुलिस अपनी मर्जी का लिखवाती है। ताकि आरोपियों को लाभ हो सके। करीब दो हफ्ते पहले कलान थाना क्षेत्र में एक दिन में ही कई लूट हुयीं। लेकिन पुलिस के हाथ लुटेरों तक नहीं पहुंच सके। ऐसे ही कुछ हफ्ते पहले थाना क्षेत्र के गांव घुड़सवार बदमाशों ने लूट कर  घोड़ियां दौड़ा दी थी। जिससे एक ग्रामीण महिला घोड़ों की टापों से जख्मी हो गई थी। लेकिन पुलिस ने इस मामले में भी बदमाशों के घोड़ों को बदमाशों के परिजनों को सुपुर्द कर दिए थे। फिलहाल कलान पुलिस की कार्य शैली थाना क्षेत्र की जनता के गले नहीं उतर रही है। क्षेत्रीय जनता को पुलिस के प्रति अविश्वास पैदा होता जा रहा है।