मेला के कार्यों का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराया जायेगा भौतिक निरीक्षण


प्रयागराज।मण्डलायुक्त डॉ0 आशीष कुमार गोयल एवं एडीजी सुजीत पाण्डेय ने माघ मेले के दृष्टिगत अब तक किये गये कार्यों की समीक्षा की तथा शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। वरिष्ठ अधिकारी विभागों के द्वारा कराये जा रहे कार्यों का भौतिक निरीक्षण भी करेंगे। समीक्षा के दौरान डीआईजी कविंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज, नगर आयुक्त रवि रंजन तथा मेला अधिकारी रजनीश मिश्र सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 
मण्डलायुक्त ने जल पुलिस, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग तथा आपदा प्रबंधन द्वारा की गई तैयारियों का मॉकड्रिल द्वारा परीक्षण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्युत कनेक्शन देने के दौरान वहां लगाये गये तारों, बोर्ड, एम0सी0बी0, प्लग, स्विच आदि की गुणवत्ता की जांच कर लें, जिससे बिजली से होने वाली किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। इसी प्रकार प्रयोग में लाये जाने वाले गैस सिलेंडरों व अन्य संसाधनों आदि की जांच करायी जाये, जिससे आग लगने जैसी कोई घटना ना होने पाये। उन्होंने कहा कि मेला के सुगम संचालन हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना कर उसे शीघ्र चालू कराया जाये तथा सभी विभागों के नोडल अधिकारी अपना नाम व मोबाइल नम्बर आवश्यक रूप से कंट्रोल रूम में उपलब्ध करायें, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित कर कार्य का निस्तारण कराया जा सके। 
समीक्षा के दौरान मेलाधिकारी ने बताया कि जमीन आवंटन का कार्य 4-5 दिनों में पूरा हो जायेगा, समतलीकरण का कार्य 90 प्रतिशत हो गया है, मुख्य मार्गों पर चकर्ड प्लेट का कार्य भी लगभग पूरा हो गया है। इसके अतिरिक्त घाटों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करा लिया जायेगा। अन्य विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा कराये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जल निगम द्वारा 25 किमी डेªनेज का कार्य कर लिया गया है तथा शेष कार्य 10 दिन में पूरा करा लिया जायेगा। मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि संस्थाओं व थानों आदि को कनेक्शन देने का कार्य भी अतिशीघ्र पूरा करायें। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र में आवश्यकतानुसार छिड़काव कार्य भी कराया जाये। बिजली विभाग द्वारा बनाये जाने वाले 22 उपकेन्द्रों के सापेक्ष 18 वें उपकेन्द्र का कार्य प्रगति पर है मेले में कुल 06 बिजलीघरों से आपूर्ति ली जायेगी। मण्डलायुक्त ने समयसीमा निर्धारित करते हुए कहा कि बिजली संबंधी समस्त कार्य समय से पूरा करवाने के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि बिजली की वजह से आग लगने अथवा अन्य कोई अप्रिय घटना ना होने पाये। विधुत संबंधी सभी कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण भी कराया जाये। मण्डलायुक्त ने कहा कि किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए विधुत विभाग, अग्निशमन विभाग, सेक्टर मजिस्टेªट, पुलिस अधिकारी, जल पुलिस आदि विभाग आपस में समन्वय बनाते हुए कार्य करें तथा एक सम्मिलित अभ्यास सत्र का आयोजन कर स्वयं को मेले के सुगम और सफल संचालन के लिए तैयार करें। इसी प्रकार नमामि गंगे के तहत किये जाने वाले कार्यों में 40 के सापेक्ष 25 नालों का कार्य पूर्ण हो गया है। मण्डलायुक्त ने कहा कि कार्य शीघ्र पूरा कराकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सैम्पल लेकर कार्य की गुणवत्ता की जांच करा ली जाये, गंगा जी में किसी भी कीमत पर गंदगी नहीं जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त मण्डलायुक्त ने मेलाक्षेत्र में संचालित होने वाले स्कूलोें, आंगनवाड़ी केन्द्रों आदि की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि वहां आने वाले बच्चों को बैग, किताबे, जूते-मोजे, मिड डे मील आदि उपलब्ध कराया जाये तथा साथ ही मेला क्षेत्र में उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करवाई जाए। स्वच्छता कार्यों की प्रगति का निरीक्षण 03 दिन बाद मण्डलायुक्त स्वयं कर सकते है। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि सभी विभाग व कार्यदायी संस्थाएं कामगारों का भुगतान समय से कराना सुनिश्चित करें। 
पुलिस प्रशासन द्वारा कराये जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए एडीजी सुजीत पाण्डेय ने कहा कि मेला क्षेत्र में पुलिस संबंधी निर्माण कार्यों, तैनात किये गये अधिकारियों व कर्मचारियों को उपलब्ध कराये जाने वाले संसाधनों व सुविधाओं आदि की सूची तैयार कर कार्य कराया जाए तथा सभी के नाम व मोबाइल नम्बर कंट्रोल रूम में दर्ज कराये जाए। उन्होंने मेला क्षेत्र में स्थापित कराये जाने वाले 13 थानों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। 13 थानों में से 12 थानों का निर्माण कार्य हो चुका है। उन्होंने टैªफिक व्यवस्था सुचारू रखने हेतु आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि पार्किंग के स्थान पर लाइट, सीसीटीवी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा टॉयलेट रैम्प आदि की समुचित व्यवस्था करायी जाए।