सहारनपुर में ड्यूटी पर तैनाती पुलिसकर्मी।


सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लागू किए गए लाॅकडाउन के तीसरे दिन भी जनपद में पूरी तरह लाॅक डाउन रहा। आज पुलिस प्रशासन ने बेवजह सड़कों पर घूमने वाले लोगों के खिलाफ दिखाई गई सख्ती का असर यह रहा कि अन्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर बहुत कम लोग नजर आए। महानगर की सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। उधर जिला प्रशासन द्वारा लाॅकडाउन मंे लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्हें रोजमर्रा की वस्तुएं उनके मौहल्लों में ही उपलब्ध कराने के लिए रणनीति बनाई गई है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 25 मार्च तक लाॅकडाउन घोषित किया गया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 21 दिनों 14 अप्रैल तक लोगों को अपने घरों में रहने के लिए आह्वान किया गया था ताकि कोरोना वायरस की चैन को तोड़ा जा सके। लाॅकडाउन में केवल स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के अलावा मीडियाकर्मियों को ही छूट प्रदान की गई थी। लाॅक डाउन के दौरान महानगर के प्रत्येक चैराहे पर जहां पुलिसकर्मी पूरी मेहनत के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं, वहीं जनपद के कस्बों में भी थाना प्रभारियों के निर्देशन पर चैराहों पर तैनात पुलिसकर्मी लोगों को कोरोना वायरस के खतरे से अवगत करतो हुए उन्हें उनके घरों में वापस भेजने का काम कर रहे हैं। पिछले दो दिनों में सड़क पर बेवजह घूमने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा दिखाई गई सख्ती व चालान की कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि आज तीसरे दिन अन्य दिनों की अपेक्षा सड़कों पर कम लोग ही दिखाई दिए। पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दिखाई सख्ती के चलते लेाग सड़कों पर आने की हिम्मत नहीं दिखा पाए।  लाॅकडाउन के दौरान आने वाले दुपहिया व चैपहिया वाहनों में सवार लोगों से पुलिसकर्मियों द्वारा पूछताछ करने के बाद संतुष्ट होने पर ही उन्हें आगे जाने दिया गया तथा किसी भी तरह का शक होने पर पुलिसकर्मियों द्वारा लाठियां फटकार कर उन्हें वापस भेजा गया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही तथा लम्बी दूरी की ट्रेनों से आने वाले इक्का-दुक्का यात्रियों की थर्मल स्केनिंग करके ही उन्हें घरों को भेजा गया। उधर आज पुलिस लाईन में भी रहने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सब्जी, फल व अन्य वस्तुओं की आपूर्ति के लिए दुकानें लगाई गई क्योंकि महानगर में प्रातः छह से नौ बजे से लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने के लिए दी गई ढील के दौरान बाजारों में जाम की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन अब सैक्टर वार मौहल्लों में दुकानें लगवाकर लोगांे को उनकी जरूरत का सामान उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा है। इस कड़ी के प्रथम चरण में दस वार्डों में दुकानें लगवाकर उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत का सामान दिया जाएगा। उधर सड़कों पर रहने वाले गरीब लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए थाना जनकपुरी प्रभारी अभिषेक सिरोही ने थाने में भोजन के पैकेट तैयार कराकर गरीब लोगों को वितरित कराया गया। इसके अलावा जनपद की सभी सीमाओं को सील करने की कार्यवाही करने के साथ ही स्थानीय निकाय स्तर पर कीटनाशकों दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है जबकि नगर निगम द्वारा नगर निगम के सभी कार्यालयों को सेनेटाइज कराने के साथ-साथ पुलिस लाईन व जिले में तैनात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों व आवासों को भी सेनेटाइज कराया गया है। उधर लाॅकडाउन के दौरान होने वाली परेशानी के मद्देनजर लोगों द्वारा बाजार में सामान खरीदने की होड़ लगी हुई है जिसका फायदा उठाकर दुकानदारों द्वारा मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा कालाबाजारी को रोकने के लिए हेल्लाईन नम्बर जारी किया गया है परंतु सामान खरीदने में जुटे नागरिक शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं।