बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के लिये वित्तमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन


फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेष उधोग व्यापार प्रतिनिधि मंण्ड़ल के पदाधिकारियों ने भारत सरकार द्वारा बैंकिंग क्षेत्र में किये गये सुधारों का स्वागत करते और अधिक सुधार करने व जीएसटी की समस्याओं का निराकरण करने के लिये वित्तमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रषासनिक अधिकारी षुभमंगल राठौर को सौंपा है। 
महानगर अध्यक्ष अम्बेष षर्मा ने ज्ञापन में कहा है कि व्यापारियों को 50 लाख तक का वर्किग कैपीटल कर्ज बिना जमानत 8 प्रतिषत व्याज दर पर दिया जाये, मुद्रा लोन योजना केवल नये कारोबार के लिये जिसे पुराने दुकानदारों को इसका कोई लाभ नही मिल रहा है। देष के भिन्न भिन्न बैंक अपने ग्राहकों से निम्न प्रकार के खर्चे बसूल रहे है। जो अनुचित है जिसे तत्काल वापस लेने की आवष्यकता है। फर्म का चालू खाता खोलते समय जीएसी रजिस्टेªषन बैंक द्वारा मांगा जाता है। भारत में लगभग 80 प्रतिषत व्यापारियों का जीएसटी रजिस्टेªषन नही है। इसलिये इस बाध्यता को समाप्त करना आवष्यक है। बैंकों में रेजगारी एवं छोटे नोट न लिये जाते है और न दिये जाते है। जिससे परेषानियां होती है अत छोटे नोट व रेजगारी की आपूर्ति सभी बैंकों में की जाये, एक करोड़ से ऊपर कैष ट्रांजेक्षन चार्ज अविलंब समाप्त किया जाये, बैंकों द्वारा 3 माह में एनपीए करने की अवधि बढ़ाकर 12 माह की जाये, जिन बाजारों में 100 या उससे अधिक दुकानें है वहां बैंक खोला जाये। जवकि जिस बाजार में लगभग 300 व्यापारी है वहां राष्ट्रीयकृत बैंक खोली जाये। व्यापारियों ने जीएसटी से सम्बंधित समस्याओं के निराकरण के लिये भी सरकार से गुहार लगायी है। 
ज्ञापन देने वालों में आषीष अग्रवाल, मुहम्मद आरिफ कुरैषी, हरीषंकर अग्रवाल, आमिर नवाज, प्रवीन कुमार, प्रवीन निवोरिया, रमाषंकर दादा आदि मौजूद रहे।