राजनीति के पुरोधा ठाकुर धर्मगज सिंह की मनाई गई 11 वीं पुण्यतिथि


हरदोई- राजनीति के कुशल,सौम्य, ईमानदार पुरोधा रहे पूर्व सांसद ठाकुर धर्म गज सिंह की 11वीं पुण्यतिथि धियर महोलिया आवास परिसर में मनाई गई।पूर्व सांसद के पुत्र अशोक सिंह, डॉ प्रभात सिंह ,नाती अजय सिंह पूर्व प्रदेश सचिव कांग्रेस, पूर्व विधायक खालिद गौरी समेत तमाम कांग्रेसजनों एवं शुभचिंतकों ने बाबूजी के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। पुण्यतिथि पर आयोजित विचार गोष्ठी से पूर्व वंदे मातरम हुआ तथा झंडारोहण पूर्व विधायक खालिद गौरी ने किया। श्री गौरी ने गोष्ठी में कहा कि बाबू धर्म गज सिंह जनप्रिय नेता थे।वह सांसद होते हुए तमाम व्यस्तताओं के बावजूद जनता के बेहद करीब रहते थे।पूर्व प्रदेश सचिव अजय सिंह ने कहा कि बाबूजी 4 बार सांसद व दो बार विधायक रहे। उन्होंने हर वर्ग को साथ रखा। किसी की भी समस्या को गंभीरता से लेकर तुरंत अपने हाथों से चिट्ठी लिखकर या फोन करके समस्या का निस्तारण करते थे।पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के बेहद करीबी नेताओं में बाबूजी थे। बाबूजी की इच्छा पूर्ण रूप से कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने का आज सभी कांग्रेसी संकल्प लें, तभी पुण्यतिथि मनाना सार्थक होगा। अजय सिंह ने यह भी घोषणा की कि बाबूजी की इच्छा पर सेवादल एकेडमी प्रारंभ किया जाएगा। कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशीष सिंह ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में बाबूजी से बहुत कुछ सीखने को मिला जोकि अनुकरणीय है। महिला अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि जिले में सांसद धर्मगज सिंह व 


किंदर लाल ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ नेताओं में आज भी गिने जाते हैं। उनसे सीख लेनी चाहिए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जमील अहमद ने कहा कि बाबूजी राजनीति के कुशल पुरोधा थे।दिल्ली तक उनकी शोहरत थी।ऐसे नेता सदैव अमर रहते हैं।पीसीसी सदस्य व कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रमोद सिंह चंदेल ने बाबूजी के राजनीतिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला और उसे राजनीति का आदर्श बताया।वरिष्ठ कांग्रेसी श्याम किशोर मिश्र ने कहा, बाबूजी की राजनीतिक कार्यशैली अद्वितीय थी।बाबूजी सेवादल को बहुत ऊर्जा देते थे इसीलिए उस कालांतर में कांग्रेस मजबूत थी। पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण शुक्ला शोले ने बाबूजी को समाज का सच्चा सेवक बताया। वही विक्रम पांडे ,वरिष्ठ कांग्रेसी  रामेश्वर प्रसाद व कमलेश रस्तोगी ने कहा कि राजनीति को जब से आय का साधन बनाया गया, तब से भ्रष्टाचार पनपा। जबकि बाबूजी के समय में राजनीति सेवा होती थी। सुरेश तिवारी पीसीसी सदस्य ने कांग्रेस की मजबूती के लिए बाबूजी के व्यक्तित्व कृतित्व को अपनाने का सुझाव दिया। जिला उपाध्यक्ष नेतम भारतीय ,पूर्व महासचिव यूथ सुनीता मित्रा ,शशि बाला ने बाबूजी के जीवन दर्शन पर विचार रखे। अनुपम दीक्षित ,भुट्टो मियां पी पी वर्मा ,नरेंद्र देव दीक्षित, रामअवतार पाल, एनएसयूआई अध्यक्ष अमलेंद्र त्रिपाठी ने भी विचार व्यक्त किये।पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ राजीव सिंह ने कहा कि बाबूजी जैसी राजनीति अब देखने को नहीं मिलती है उनके मार्गदर्शन पर चलकर प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रमोद सिंह चंदेल ने बाबू जी के राजनीतिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला और उसे राजनीति का आदर्श बताया। वरिष्ठ कांग्रेसी श्याम किशोर मिश्रा ने कहा ,बाबू जी की राजनीतिक कार्यशैली अद्वितीय थी। बाबूजी सेवा दल को बहुत ऊर्जा देते थे। इसीलिए उस कालांतर में कांग्रेस मजबूत थी। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रभारी कांग्रेस जीतलाल सरोज ने करते हुए कहा कि कांग्रेस के 28 दिसंबर को होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम में सभी कांग्रेसी प्रदेश कार्यालय लखनऊ पहुंचे। कार्यक्रम में कांग्रेसी हरिओम त्रिपाठी ,साधु सिंह सोमवंशी, विमलेश सिंह राठौर, हरवंश सिंह एडवोकेट, आदित्य प्रताप सिंह एडवोकेट, डॉक्टर एम के सिंह, देवेंद्र विक्रम सिंह, अंकुर चंदेल, ममता पाल, दिनेश चंद्र राठौर, संतोषी देवी तिवारी, अश्वनी कुमार सिंह, राम बहोरन, आलोक प्रताप सिंह, अजय शुक्ला, रवि कुमार मिश्र, दीप सिंह गौर, उत्कर्ष दीक्षित, पत्रकार विजय पांडे, अजय शुक्ला, अखिलेश सिंह, शकील अहमद, शकील अहमद, मनोज गुप्ता अश्वनी सिंह आदि मौजूद रहे।